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RBI की अनाउंसमेंट में ऐसा क्या था, जिसने गिरा दिया शेयर बाजार, बढ़ता हुआ सेंसेक्स 700 अंक धड़ाम

शेयर बाजार में जारी कई दिनों की तेजी पर बड़ा ब्रेक लगा है. आरबीआई की पॉलिसी आने के बाद निफ्टी और सेंसेक्स में गिरावट के साथ बंद हुए. हालांकि, आखिरी कुछ घंटों में बाजार में निचले स्तरों से रिकवरी देखने को मिली. दरअसल भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा आज एमपीसी की बैठक के बाद रेपो रेट को स्थिर रखने के ऐलान के बाद से निफ्टी और सेंसेक्स टूटने लगे और शुरुआती बढ़त खो दी.

कारोबारी सत्र के दौरान बीएसई सेंसेक्स 700 अंक तक गिर गया, जबकि निफ्टी लगभग 1 प्रतिशत तक टूट गया. इस गिरावट में सबसे ज्यादा पिटाई बैंकिंग शेयरों की हुई. विश्लेषकों ने कहा कि बाजार ने इस बात को लेकर कड़ी निराश जाहिर की, कि रिजर्व बैंक ने निकट भविष्य में ब्याज दरों में कटौती करने का कोई स्पष्ट संकेत नहीं दिया.

बाजार में क्यों हावी हुई गिरावट
एलकेपी सिक्योरिटीज के अजीत काबी ने कहा, “वित्त वर्ष 2024 में सीपीआई इंफ्लेशन 5.4 प्रतिशत पर बनी हुई, इसिलए स्ट्रीट आरबीआई से कुछ नरमी की उम्मीद कर रहा था. लेकिन, गवर्नर ने ब्याज दरों में कटौती पर कोई स्पष्ट संकेत नहीं दिया, जिससे निवेशकों को निराशा हुई.”

जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के वाइस प्रेसिडेंट, गौरांग शाह ने कहा, “आरबीआई ने पिछली कई मौद्रिक नीतियों के दौरान इस रुख को बरकरार रखा है और इसी कारण से बाजार का एक वर्ग संभवत: कुछ घोषणा की उम्मीद कर रहा था लेकिन ऐसा कुछ हुआ नही. इस वजह से बाजार में गिरावट देखने को मिली. हालांकि, मुझे नहीं लगता कि आरबीआई की पॉलिसी में कुछ भी नकारात्मक बात रही.”

इन शेयरों की सबसे ज्यादा पिटाई
बाजार में हावी हुई इस गिरावट में सबसे ज्यादा पिटाई एफएमसीजी शेयरों, बैंक, ऑटो और फाइनेंशियल शेयरों की हुई. निफ्टी बैंक लिक्विडिटी से जुड़ी चिंताओं के कारण निफ्टी बैंक इंडेक्स एक फीसदी से ज्यादा टूट गया. एमके फाइनेंशियल सर्विसेज के आनंद दामा ने मनीकंट्रोल को बताया, “बैंकर्स उम्मीद कर रहे थे कि सिस्टम में लिक्विडिटी प्रदान करने के लिए कैश रिजर्व रेशियो (CRR) को 4.5 प्रतिशत से कम किया जाएगा.

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